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वाल्मीकि रामायण 45.24

या हि नः सततम् बुद्धिर् वेद मन्त्र अनुसारिणी ।
त्वत् कृते सा कृता वत्स वन वास अनुसारिणी ॥२-४५-२४॥

पूरा अध्याय