ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 4242.24वाल्मीकि रामायण 42.24महा ह्रदम् इव अक्षोभ्यम् सुपर्णेन हृत उरगम् । रामेण रहितम् वेश्म वैदेह्या लक्ष्मणेन च ॥२-४२-२४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय