Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 41.6

अहो निश्चेतनो राजा जीव लोकस्य सम्प्रियम् ।
धर्म्यम् सत्य व्रतम् रामम् वन वासो प्रवत्स्यति ॥२-४१-६॥

पूरा अध्याय