ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 4040.24वाल्मीकि रामायण 40.24कृत कृत्या हि वैदेही चाया इव अनुगता पतिम् । न जहाति रता धर्मे मेरुम् अर्क प्रभा यथा ॥२-४०-२४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय