Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 4.23

तस्मात्त्वयादप्रभृति निशेयं नियतात्मना ।
सह वध्वोपवस्तव्या दर्भप्रस्तरशायिना ॥२-४-२३॥

पूरा अध्याय