ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 3939.6वाल्मीकि रामायण 39.6मो अहम् पावक सम्काशम् पश्यामि पुरतः स्थितम् । विहाय वसने सूक्ष्मे तापस आच्चादम् आत्मजम् ॥२-३९-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय