Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 38.16

मया विहीनाम् वरद प्रपन्नाम् शोक सागरम् ।
अदृष्ट पूर्व व्यसनाम् भूयः सम्मन्तुम् अर्हसि ॥२-३८-१६॥

पूरा अध्याय