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वाल्मीकि रामायण 36.31

श्रुत्वा तु सिद्ध अर्थ वचो राजा श्रान्ततर स्वनः ।
शोक उपहतया वाचा कैकेयीम् इदम् अब्रवीत् ॥२-३६-३१॥

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