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वाल्मीकि रामायण 35.25

ततः स वरदह् साधु राजानम् प्रत्यभाषत ।
म्रियताम् ध्वम्सताम् वेयम् मा कृथास्त्वम् महीपते ॥२-३५-२५॥

पूरा अध्याय