ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 3535.23वाल्मीकि रामायण 35.23माता ते पितरम् देवि ततह् केकयमब्रवीत् । शम्स मे जीव वा मा वा न मामपहसिष्यसि ॥२-३५-२३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय