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वाल्मीकि रामायण 35.21

तत्र ते जननी क्रुद्धा मृत्युपाशमभीप्सती ।
हासम् ते नृपते सौम्य जिज्ञासामीति भाब्रवीत् ॥२-३५-२१॥

पूरा अध्याय