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वाल्मीकि रामायण 35.15

महाब्रह्मर्षिसृष्टा वा ज्वलन्तो भीमदर्शना ।
धिग्वाग्दण्डणा न हिम्सन्ति रामप्रव्राजने स्थिताम् ॥२-३५-१५॥

पूरा अध्याय