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वाल्मीकि रामायण 34.9

स सत्य वादी धर्म आत्मा गाम्भीर्यात् सागर उपमः ।
आकाशैव निष्पन्को नर इन्द्रः प्रत्युवाच तम् ॥२-३४-९॥

पूरा अध्याय