ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 3131.15वाल्मीकि रामायण 31.15तामार्याम् स्वयमेवेह राजाऽनुग्रहणेन वा । सौमित्रे भर कौसल्या मुक्तमर्थमिमम् चर ॥२-३१-१५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय