ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 3030.8वाल्मीकि रामायण 30.8स्वयम् तु भार्याम् कौमारीम् चिरम् अध्युषिताम् सतीम् । शैलूषैव माम् राम परेभ्यो दातुम् इच्चसि ॥२-३०-८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय