ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 2929.16वाल्मीकि रामायण 29.16शुद्ध आत्मन् प्रेम भावाद्द् हि भविष्यामि विकल्मषा । भर्तारम् अनुगच्चन्ती भर्ता हि मम दैवतम् ॥२-२९-१६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय