Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 27.10

अहम् दुर्गम् गमिष्यामि वनम् पुरुषवर्जितम् ।
नानामृगगणाकीर्णम् शार्दूलवृकसेवितम् ॥२-२७-१०॥

पूरा अध्याय