Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 25.1

सा अपनीय तम् आयासम् उपस्पृश्य जलम् शुचि ।
चकार माता रामस्य मन्गलानि मनस्विनी ॥२-२५-१॥

पूरा अध्याय