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वाल्मीकि रामायण 24.31

कौसल्या पुत्र शोक आर्ता रामम् वचनम् अब्रवीत् ।
गमने सुकृताम् बुद्धिम् न ते शक्नोमि पुत्रक ॥२-२४-३१॥

पूरा अध्याय