ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 2323.8वाल्मीकि रामायण 23.8सन्ति धर्म उपधाः श्लक्ष्णा धर्मात्मन् किम् न बुध्यसे ॥२-२३-८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय