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वाल्मीकि रामायण 22.19

कथम् प्रकृति सम्पन्ना राज पुत्री तथा अगुणा ।
ब्रूयात् सा प्राकृता इव स्त्री मत् पीडाम् भर्तृ सम्निधौ ॥२-२२-१९॥

पूरा अध्याय