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वाल्मीकि रामायण 20.30

भरताय महा राजो यौवराज्यम् प्रयच्चति ।
माम् पुनर् दण्डक अरण्यम् विवासयति तापसम् ॥२-२०-३०॥

पूरा अध्याय