ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1818.40वाल्मीकि रामायण 18.40एतत्कुरु नरेन्ध्रस्य वचनं रघुनन्दन । सत्यन महता राम तारयस्व नरेश्वरम् ॥२-१८-४०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय