Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 18.34

यदि सत्य प्रतिज्ञम् त्वम् पितरम् कर्तुम् इच्चसि ।
आत्मानम् च नर रेष्ठ मम वाक्यम् इदम् श्Rणु ॥२-१८-३४॥

पूरा अध्याय