ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1818.31वाल्मीकि रामायण 18.31तम् आर्जव समायुक्तम् अनार्या सत्य वादिनम् । उवाच रामम् कैकेयी वचनम् भ्Rश दारुणम् ॥२-१८-३१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय