ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1818.19वाल्मीकि रामायण 18.19एवमुक्ता तु कैकेयी राघवेण महात्मना । उवाचेदं सुनिर्लज्जा धृष्टमात्महितं वचः ॥२-१८-१९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय