ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1818.1वाल्मीकि रामायण 18.1स ददर्श आसने रामः निषण्णम् पितरम् शुभे । कैकेयी सहितम् दीनम् मुखेन परिशुष्यता ॥२-१८-१॥अगलापूरा अध्याय