ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1616.8वाल्मीकि रामायण 16.8तम् वैश्रवण सम्काशम् उपविष्टम् स्वलम्कृतम् । दादर्श सूतः पर्यन्के सौवणो स उत्तरच् चदे ॥२-१६-८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय