Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 16.47

करेणु मातन्ग रथ अश्व सम्कुलम् ।
महा जन ओघैः परिपूर्ण चत्वरम् ।पभूतरत्नम् बहुपण्यसम्चयम् ।ददर्श रामो विमलम् महापथम् ॥२-१६-४७॥

पूरा अध्याय