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वाल्मीकि रामायण 16.4

ते समीक्ष्य समायान्तम् राम प्रिय चिकीर्षवः ।
सह भार्याय रामाय क्षिप्रम् एव आचचक्षिरे ॥२-१६-४॥

पूरा अध्याय