ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1616.21वाल्मीकि रामायण 16.21पति सम्मानिता सीता भर्तारम् असित ईक्षणा । आद्वारम् अनुवव्राज मन्गलानि अभिदध्युषी ॥२-१६-२१॥पिछलाअगलापूरा अध्याय