ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1515.29वाल्मीकि रामायण 15.29निर्जगम नृपावासान्मन्यमानः प्रियं महत् । प्रसन्नो राजमार्गं च पताकाध्वजशोभितम् ॥२-१५-२९॥पिछलाअगलापूरा अध्याय