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वाल्मीकि रामायण 14.22

स्थाप्य राज्ये मम सुतम् क्Rत्वा रामम् वने चरम् ।
निह्सपत्नाम् च माम् क्Rत्वा क्Rत क्Rत्यो भविष्यसि ॥२-१४-२२॥

पूरा अध्याय