ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 1212.50वाल्मीकि रामायण 12.50एतावदुक्त्वा वचनम् कैकेयी विरराम ह । विलपन्तम् च राजानम् न प्रतिव्याजहार सा ॥२-१२-५०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय