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वाल्मीकि रामायण 11.3

प्रतिज्ञां प्रतिजानीष्व यदि त्वं कर्तु मिच्छसि ।
अथ तद्व्याहरिष्यामि यदभिप्रार्थितं मया ॥२-११-३॥

पूरा अध्याय