ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 109109.25वाल्मीकि रामायण 109.25स्थिरा मया प्रतिज्ञाता प्रतिज्ञा गुरुसन्निधौ । प्रहृष्यमाणा सा देवी कैकेयी चाभवत्तदा ॥ २.१०९.२५॥पिछलाअगलापूरा अध्याय