ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 109109.11वाल्मीकि रामायण 109.11ऋषयश्चैव देवाश्च सत्यमेव हि मेनिरे । सत्यवादी हि लोके ऽस्मिन् परमं गच्छति क्षयम् ॥ २.१०९.११॥पिछलाअगलापूरा अध्याय