ग्रंथवाल्मीकि रामायणअयोध्याकाण्डसर्ग 100100.8वाल्मीकि रामायण 100.8कच्चिच्छुश्रूषसे तात पितरं सत्यविक्रमम् ॥ २.१००.८॥पिछलाअगलापूरा अध्याय