Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 100.11

सा तात कच्चित्कौसल्या सुमित्रा च प्रजावती ।
सुखिनी कच्चिदार्य्या च देवी नन्दति कैकयी ॥ २.१००.११॥

पूरा अध्याय