Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 10.33

अवध्यो वध्यतां को वा को वा वध्यो विमुच्यताम् ।
दरिद्रः को भवेदाढ्यो द्रव्यवान्वाप्यकिञ्चनः ॥२-१०-३३॥

पूरा अध्याय