ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 88.14वाल्मीकि रामायण 8.14अमात्यान् अब्रवीत् राजा हर्ष पर्याकुल लोचन । संभाराः संभ्रियंताम् मे गुरूणाम् वचनात् इह ॥१-८-१४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय