Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 75.23

पितुः मम ददौ दिव्यम् जमदग्नेः महात्मनः ।
न्यस्त शस्त्रे पितरि मे तपो बल समन्विते ॥१-७५-२३॥

पूरा अध्याय