Utshovऐप डाउनलोड करें

वाल्मीकि रामायण 75.21

देवरातस्य राज ऋषेः ददौ हस्ते स सायकम् ।
इदम् च वैष्णवम् राम धनुः पर पुरम् जयम् ॥१-७५-२१॥

पूरा अध्याय