ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 6969.2वाल्मीकि रामायण 69.2अद्य सर्वे धन अध्यक्षा धनम् आदाय पुष्कलम् । व्रजंति अग्रे सु विहिता नाना रत्न समन्विताः ॥१-६९-२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय