ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 6767.6वाल्मीकि रामायण 67.6इदम् धनुर् वरम् राजन् पूजितम् सर्व राजभिः । मिथिला अधिप राज इन्द्र दर्शनीयम् यत् इच्छसि ॥१-६७-६॥पिछलाअगलापूरा अध्याय