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वाल्मीकि रामायण 67.11

तत् एतत् धनुषाम् श्रेष्ठम् आनीतम् मुनिपुंगव ।
दर्शय एतत् महाभाग अनयोः राज पुत्रयोः ॥१-६७-११॥

पूरा अध्याय