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वाल्मीकि रामायण 61.14

पशोः अर्थे महाभाग कृत कृत्यो अस्मि भार्गव ।
सर्वे परिगता देशा यज्ञियम् न लभे पशुम् ॥१-६१-१४॥

पूरा अध्याय