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वाल्मीकि रामायण 6.28

ताम् सत्य नामाम् दृढ तोरण अर्गलाम्गृहैः विचित्रैः उपशोभिताम् शिवाम् ।
पुरीम् अयोध्याम् नृ सहस्र संकुलाम्शशास वै शक्र समो महीपतिः ॥१-६-२८॥

पूरा अध्याय