ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 66.20वाल्मीकि रामायण 6.20सा तेन इक्ष्वाकु नाथेन पुरी सु परिरक्षिता । यथा पुरस्तात् मनुना मानवेन्द्रेण धीमता ॥१-६-२०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय