ग्रंथवाल्मीकि रामायणबालकाण्डसर्ग 5959.2वाल्मीकि रामायण 59.2इक्ष्वाको स्वागतम् वत्स जानामि त्वाम् सुधार्मिकम् । शरणम् ते भविष्यामि मा भैषीः नृप पुंगव ॥१-५९-२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय